21 दलों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का चुनाव आयोग को नोटिस - News Detail

21 दलों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का चुनाव आयोग को नोटिस

नई दिल्ली।सुप्रीम कोर्ट ने 21 विपक्षी दलों की याचिका पर चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है। विपक्षी दलों ने मांग की थी कि आगामी Lok Sabha Election 2019 में परिणामों की घोषणा से पहले वीवीपैट के साथ 50 फीसद EVM के परिणामों का मिलान किया जाना चाहिए। विपक्षी दलों का तर्क है कि इससे परिणामों की वैधता पर शक नहीं रहेगा।मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने चुनाव आयोग को कोर्ट की सहायता के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी की नियुक्ति करने के लिए कहा है। इस मामले की अगली सुनवाई 25 मार्च को होगी।इस याचिका में कहा गया है कि शीर्ष अदालत ने इंदिरा नेहरू गांधी बनाम राज नारायण के 1975 के फैसले में कहा था कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव संविधान की मूल संरचना का एक हिस्सा थे।तेलगु देशम पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और आम आदमी पार्टी सहित विपक्षी 21 दलों की ओर से यह याचिका दायर की गई थी। याचिका में मांग की गई है कि सुप्रीम कोर्ट चुनाव आयोग को निर्देश दे कि कुल इस्तेमाल की जा रही ईवीएम में 50 फीसदी दर्ज मतों का वीवीपैट में मौजूद पर्चियों से मिलान किया जाए।याचिकाकर्ताओं में एनसीपी के वरिष्ठ नेता शरद पवार, कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल, तृणमूल के डेरेक ओ. ब्रायन, लोकतांत्रिक जनता दल के शरद यादव, समाजवादी पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव, बसपा के सतीश चंद्र मिश्रा, डीएमके नेता एमके स्टालिन, सीपीएम के टीके रंगराजन, राष्ट्रीय जनता दल के मनोज कुमार झा, नेशनल कॉन्फ्रेंस के फारूख अब्दुल्ला, सीपीआई के एसएस रेड्डी, जेडीएस के दानिश अली, राष्ट्रीय लोक दल के अजीत सिंह, एआईडीयूएफ के मोहम्मद बदरुद्दीन अजमल, ‘हम’ के जीतन राम मांझी, प्रो. अशोक कुमार सिंह, टीडीपी और ‘आप’ आदि शामिल हैं।इससे पहले इन दलों ने गत माह 5 फरवरी को चुनाव आयोग से यह मांग की थी, लेकिन आयोग ने गत सप्ताह चुनावों की घोषणा करते हुए VVPAT मिलान का फीसद बढ़ाने से आदेश देने से इन्कार कर दिया था। आयोग ने कहा था कि इस बारे में भारतीय सांख्यिकी संस्थान से राय ली जा रही है और उसकी रिपोर्ट आने के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा।आयोग ने यह भी कहा था कि इस संबंध में  मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। चुनावों में फिलहाल एक विधानसभा सीट पर एक EVM के मतों का वीवीपैट पर्चियों से मिलान किया जाता है।

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