पेयजल किल्लत से मिलेगी निजात, जल विभाग ने बनाया वैकल्पिक प्लान - News Detail

पेयजल किल्लत से मिलेगी निजात, जल विभाग ने बनाया वैकल्पिक प्लान

देहरादून। गर्मी शुरू होते ही दून के अधिकांश क्षेत्र पेयजल किल्लत से जूझने लगते हैं। इस बार जलसंस्थान ने ऐसे क्षेत्र चिह्नित किए हैं, जहां पिछले साल सबसे ज्यादा पेयजल किल्लत रही। चिह्नित क्षेत्रों में 131 मोहल्ले, 16 बस्तियां और कॉलोनियां शामिल हैं।

इन चिह्नित क्षेत्रों के लिए विभाग ने वैकल्पिक प्लान बनाया है। प्लान के अनुसार जल संस्थान न केवल इन क्षेत्रों में टैंकरों से पानी की सप्लाई करेगा। जिन ट्यूबवेल से इन क्षेत्रों में पानी की सप्लाई होती है, वहां जनरेटरों की व्यवस्था भी की जाएगी।

मानकों के हिसाब से शहरी क्षेत्र में 135 लीटर प्रति व्यक्ति और ग्रामीण क्षेत्र में 70 लीटर प्रति व्यक्ति पानी की आवश्यकता होती है। इसके विपरीत हकीकत यह है कि शहरी क्षेत्र में लोगों को 100 लीटर तो ग्रामीण क्षेत्रों में 50 लीटर ही पानी उपलब्ध हो रहा है।

दून में वर्तमान में 279 ट्यूबवेल के साथ ही तीन नदी-झरने के स्रोत हैं। दून में अधिकांश पेयजल आपूर्ति ट्यूबवेल से ही होती है। गर्मी बढ़ते ही भूजल स्तर नीचे चला जाता है, ट्यूबवेल की क्षमता भी घटने लगती है। अन्य स्रोतों से भी पानी का प्रवाह घट जाता है।

जल संस्थान ने चारों जोन उत्तर, दक्षिण, पित्थूवाला व रायपुर में 131 मोहल्ले, 16 बस्तियां और कॉलोनियां ऐसी चिह्नित की हैं, जहां पिछले साल भी पेयजल किल्लत थी। विभाग के अनुसार शहरी क्षेत्र में तो किसी तरह लोगों की पेयजल समस्या को समाधान हो जाता है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों पेयजल संकट से निपटने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है।

हालांकि हर वर्ष की पेयजल समस्या को देखते हुए विभाग ने इस बार जोन वार प्लान तैयार किया है, जिससे लोगों को पेयजल किल्लत से न जूझना पड़े। प्लान के अनुसार विभाग ने इन क्षेत्रों की समस्या के समाधान के लिए आठ विभागीय टैंकरों सहित 33 किराये के टैंकरों और बिजली आपूर्ति बाधित होने पर नलकूप के संचालन के लिए दस जेनरेटर की व्यवस्था भी की है। इस प्लान को धरातल में उतारने के लिए 233.56 लाख रुपये व्यय होने का अनुमान जलसंस्थान ने लगाया है।

जोन के अनुसार इन स्थानों को किया चिह्नित 

उत्तर जोन: कोठान गांव, बगरिया गांव, मक्कावाला, नया गांव, अनारवाला, जोहड़ी, नाईवाला, सुमन नगर, साकेत, आर्यनगर, डीएल रोड, लोहारवाला, सिरमौर, किशननगर, कौलागढ़, राम विहार, तपोवन, नालापानी रोड, शांति विहार, ननूरखेड़ा, शिवलोक, राजीव कॉलोनी, सिद्धार्थ विहार, डांडानूरी, जागृति एनक्लेव, मधुवन एनक्लेव, आमवाला, कारगिल बस्ती, आम्बेडकर मार्ग, दीनदयाल उपाध्याय बस्ती, बिंदाल बस्ती।

दक्षिण जोन: डीएल रोड, ओल्ड सर्वे रोड, आंबेडकर कॉलोनी, नेशविला रोड, चुक्खूवाला, डोभालवाला, इंदिरा कॉलोनी, विजय कॉलोनी, चंदरलोक कॉलोनी, टैगौर विला, लक्खीबाग, भंडारी बाग, रामनगर, मुस्लिम कॉलोनी, नारायण विहार, आशीर्वाद एनक्लेव, पथरी बाग, कॉवली रोड, लक्ष्मण चौक, पूर्वी पटेल नगर, पश्चिमी पटेलनगर, संजय कॉलोनी, लूनिया मोहल्ला, घोसी गली, चकराता रोड, पूरण बस्ती, चंदर रोड, नेमी रोड, माता मंदिर रोड, इंदर रोड, प्रीतम रोड, बलबीर रोड नई बस्ती, हरिद्वार रोड, गंगा विहार।

पित्थूवाला जोन: नई बस्ती, आशारोड़ी, सोसाइटी एरिया, सेवला कलां, पित्थूवाला,आस्था एनक्लेव, कसाई मोहल्ला, विजलेंस ऑफिस, इंदिरापुरी फार्म, विष्णुपुरम, अमर भारती ,चोयला, जाली गांव, सत्यनारायण मोहल्ला, धारावाली, मोहित नगर, व्योमप्रस्थ, एमडीडीए इंदिरापुरम, गांधी ग्राम, मिलन विहार, अनुपम विहार, साईलोक, क्लेमेनटाउन सी, त्यागी ढाल, क्लेमेनटाउन, परम विहार, कारगी ग्रांट, चाणक्यपुरी।

रायपुर जोन: बैंक कॉलोनी, बद्रीश कॉलोनी, ओम विहार, शास्त्री नगर, चकशाह नगर, अपर सारथी विहार, लोअर सारथी विहार, सरस्वती विहार, राझांवाला, कृष्णविहार, इंद्रप्रस्थ, गंगोत्री विहार, अलकनंदा एनक्लेव,आदर्श कॉलोनी, देवाशीष एनक्लेव, शिवालिक व्यू, शिव शक्ति कॉलोनी, शिव नारायण विहार, हरिपुर, वसंत एनक्लेव, गोरखा बस्ती, नवादा सैनिक कॉलोनी, टीचर कॉलोनी, शमशेरगढ़, संगम विहार, दिल्ली फार्म, मियांवाला।

टैंकरों से होगी आपूर्ति 

जल संस्थान की महाप्रबंधक नीलिमा गर्ग के अनुसार, गर्मी में लोगों को पेयजल की किल्लत से न जूझना पड़े, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाई गई है। टैंकरों से प्रभावित क्षेत्रों में जलापूर्ति सुचारू की जाएगी। साथ ही बिजली न होने पर ट्यूबवेल संचालन के लिए जनरेटरों की व्यवस्था भी की जाएगी।

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