देहरादून । स्पेशल टास्क फोर्स ने गढ़वाल रेंज के पुलिस महानिरीक्षक के सरकारी वाहन में सवार होकर प्रॉपर्टी डीलर से लूटपाट के मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी है। मंगलवार को कांग्रेस नेता अनुपम शर्मा, निलंबित दरोगा दिनेश नेगी, सिपाही हिमांशु उपाध्याय और मनोज अधिकारी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई। एसटीएफ की विवेचना में यह राज नहीं खुल सका कि आरोपियों द्वारा कितनी रकम लूटी गई थी। आईजी के सरकारी वाहन में सवार पुलिसकर्मियों के प्रॉपर्टी डीलर से नोटों से भरा बैग लूटने के मामले में एसटीएफ के विवेचक कैलाश पंवार ने मंगलवार को कोर्ट में आरोपी कांग्रेस नेता अनुपम शर्मा, निलंबित दरोगा दिनेश नेगी, निलंबित सिपाही हिमांशु उपाध्याय और मनोज अधिकारी के खिलाफ धारा 392, 365, 341,170 और 120 बी के तहत चार्जशीट दाखिल कर दी। समर्थन में घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज के अलावा मोबाइल की काल डिटेल, लोकेशन के अलावा डब्लूआईसी आदि से जुटाए गए साक्ष्य दिए हैं।
एसटीएफ भी लूटकांड में पहले दिन से उलझी गुत्थी को नहीं सुलझा पाई है। रिपोर्ट दर्ज कराने वाले प्रॉपर्टी डीलर अनुरोध पंवार भी यह नहीं बता पाए थे कि लूटे गए बैग में कितनी रकम थी। उनका कहना था कि डब्लूआईसी से बैग लेते हुए उन्हें खोलकर नहीं देखा था। डब्लूआईसी से निकलते ही आईजी कार सवार पुलिसकर्मियों ने आचार संहिता की आड़ में आतंकित कर बैग छीन लिया था। हालांकि चर्चाएं तो यहां तक रही कि बैग में एक करोड़ से लेकर दो करोड़ रुपये की रकम थी। एसटीएफ आरोपियों से पूछताछ के दौरान न तो लूटा गया बैग बरामद कर सकी और न ही उनके मुंह से यह उगलवा सकी कि बैग में आखिर कितनी रकम थी। चारों आरोपी एक ही रट लगाए रहे कि बैग में कपड़ों के अलावा शराब की दो बोतलें थीं।
पुलिस लूटकांड में फंसे निलंबित दरोगा दिनेश नेगी और हिमांशु उपाध्याय और मनोज अधिकारी को बर्खास्त करने के लिए विभागीय कार्रवाई प्रचालित है। संबंधित अधिकारी विभागीय जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर चुके हैं, लेकिन बर्खास्तगी की कार्रवाई पर मुहर नहीं लग सकी है।
यह था पूरा घटनाक्रम
राजपुर रोड पर चार अप्रैल की रात आईजी के सरकारी वाहन सवार दरोगा समेत तीन पुलिसकर्मियों ने आचार संहिता की आड़ में प्रॉपर्टी डीलर अनुरोध पंवार को आतंकित नोटों से भरा बैग लूट लिया था। पीड़ित ने नौ अप्रैल को डालनवाला कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि कांग्रेस नेता अनुपम शर्मा के इशारे पर पुलिसकर्मियों ने यह लूट की है। अधिकारियों ने जांच के बाद आईजी के वाहन का दुरुपयोग करने के आरोप में दरोगा दिनेश नेगी, सिपाही हिमांशु उपाध्याय और मनोज अधिकारी को निलंबित कर दिया था। बाद में विवेचना एसटीएफ को स्थानांतरित कर दी गई थी। एसटीएफ ने जांच के बाद कांग्रेस नेता अनुपम शर्मा, निलंबित दरोगा दिनेश नेगी, सिपाही हिमांशु और मनोज अधिकारी को जेल भेज दिया था।