देहरादून । वीर माधो सिंह भण्डारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय एवं इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (आईएचएम) कैटरिंग टेक्नोलॉजी एंड एप्लाइड न्यूट्रिशन के मध्य गुरुवार को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य हॉस्पिटैलिटी, पर्यटन एवं सेवा क्षेत्र में उद्यमिता, नवाचार और स्टार्ट-अप संस्कृति को बढ़ावा देना है। एमओयू पर हस्ताक्षर डॉ. तृप्ता ठाकुर, कुलपति, वीएमएसबीयूटीयू की उपस्थिति में सम्पन्न हुए। विश्वविद्यालय की ओर से डॉ. राजेश उपाध्याय, कुलसचिव, वीएमएसबीयूटीयू तथा आईएचएम देहरादून की ओर से डॉ. शिव मोहन, प्रधानाचार्य, आईएचएम देहरादून ने समझौते ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर डॉ. संजय कुमार, सहायक अध्यापक एवं मनीष सेमवाल, विभागाध्यक्ष भी उपस्थित रहे। समझौते के अंतर्गत दोनों संस्थान संयुक्त रूप से सेंटर फॉर हॉस्पिटैलिटी एंटरप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन (CHEI) की स्थापना करेंगे। यह केंद्र विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं युवा उद्यमियों को नवाचार, स्टार्ट-अप विकास, प्रशिक्षण, मेंटरिंग एवं उद्यमिता से संबंधित सहयोग प्रदान करेगा। इस पहल के माध्यम से हॉस्पिटैलिटी, पर्यटन, फूड सर्विस, वेलनेस एवं अन्य संबद्ध क्षेत्रों में स्वरोजगार और स्टार्ट-अप के नए अवसर विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही तकनीकी एवं हॉस्पिटैलिटी शिक्षा के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग को भी मजबूत किया जाएगा। इस अवसर पर डॉ. तृप्ता ठाकुर ने कहा कि वर्तमान समय में तकनीकी शिक्षा के साथ उद्यमिता और नवाचार को जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सहयोग विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव, उद्योगोन्मुख कौशल एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगे। यह एमओयू शोध, नवाचार, कौशल विकास एवं रोजगार सृजन के क्षेत्र में नए अवसर प्रदान करेगा तथा उत्तराखण्ड में उद्यमिता आधारित विकास को नई दिशा देगा।