चमोली ( प्रदीप लखेड़ा )
बिरही क्षेत्र के जंगलों में लगी भीषण आग बुझाने के दौरान एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में पाखी गांव निवासी 43 वर्षीय राजेंद्र सिंह नेगी पुत्र नंदन सिंह नेगी आग की चपेट में आकर जिंदा झुलस गए। घटना के बाद मृतक परिवार में कोहराम मचा हुआ है, जबकि पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।
जानकारी के अनुसार बिरही के समीप जंगलों में अचानक भीषण आग भड़क उठी थी। आग तेजी से आबादी की ओर बढ़ने लगी तो स्थानीय ग्रामीण आग बुझाने के प्रयास में जुट गए। इसी दौरान राजेंद्र सिंह नेगी आग की तेज लपटों और धुएं के बीच फंस गए। ग्रामीणों ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से झुलस चुके थे। मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि राजेंद्र सिंह गांव और आसपास के क्षेत्र को आग से बचाने के लिए आगे आए थे, लेकिन हादसे में उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ी। उन्होंने वन विभाग और प्रशासन से मृतक परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा देने तथा आश्रित को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने की मांग की है।
समाजसेवी एवं पाखी गांव निवासी के.के. डिमरी ने भी घटना पर दुख जताते हुए कहा कि राजेंद्र सिंह नेगी ने क्षेत्र और जंगलों की सुरक्षा के लिए अपनी जान दी है। ऐसे में सरकार को मानवता के आधार पर पीड़ित परिवार की मदद करते हुए परिवार के एक सदस्य को नौकरी और उचित मुआवजा देना चाहिए।
पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी है।