रामनगर। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के गर्जिया पर्यटन जोन में एक ऐसा रोमांचक और दुर्लभ दृश्य देखने को मिला, जिसने पर्यटकों के साथ-साथ वन्यजीव प्रेमियों को भी उत्साहित कर दिया। पहली बार ऐसा हुआ जब सुबह की पाली में सफारी पर गई सभी 30 जिप्सियों में सवार पर्यटकों को टाइगर के लगभग 3 घंटों तक दीदार हुए। कॉर्बेट के इतिहास में इसे एक अनोखी और यादगार घटना मानी जा रही है।
जानकारी के अनुसार गर्जिया पर्यटन जोन में प्रतिदिन सुबह और शाम की पाली में 30-30 जीप्सियां जंगल सफारी के लिए प्रवेश करती हैं, आमतौर पर कुछ वाहनों को ही टाइगर दिखाई देता है। जबकि कई पर्यटक जंगल की सैर के बावजूद टाइगर को नहीं देख पाते, लेकिन सफारी के दौरान सुबह की पाली में हालात बिल्कुल अलग रहे सफारी पर निकली सभी 30 जिप्सियों के पर्यटकों को जंगल के राजा का दीदार हुआ, जिससे पर्यटकों का उत्साह चरम पर पहुंच गया। इस दुर्लभ पल को नेचर गाइड विनोद बुधानी ने अपने कैमरे में कैद किया।
विनोद बुधानी ने बताया कि अपने लंबे अनुभव में उन्होंने पहली बार ऐसा नजारा देखा है, जब एक साथ सभी वाहनों में बैठे पर्यटकों को टाइगर देखने को लगभग कई घंटों तक देखने का अवसर मिला हो, उनके अनुसार यह घटना कॉर्बेट के पर्यटन इतिहास में एक विशेष उपलब्धि के रूप में दर्ज की जाएगी। विनोद बुधानी ने बताया कि भीषण गर्मी के चलते एक टाइगर गर्जिया जोन के एक वॉटर होल में करीब तीन से साढ़े तीन घंटे तक बैठा रहा। गर्मी से राहत पाने के लिए वह लगातार पानी में मौजूद रहा, इसी दौरान सफारी मार्ग से गुजरने वाली सभी जिप्सियों को टाइगर स्पष्ट रूप से दिखाई दिया, टाइगर को इतने लंबे समय तक एक ही स्थान पर देखने का अवसर मिलना बेहद दुर्लभ माना जाता है।
टाइगर की मौजूदगी से पर्यटक रोमांचित नजर आए, कई पर्यटकों ने अपने कैमरों में इस खास पल को कैद किया, वन्यजीव फोटोग्राफरों के लिए भी यह दिन बेहद खास रहा। क्योंकि उन्हें टाइगर के व्यवहार और गतिविधियों को लंबे समय तक देखने और रिकॉर्ड करने का मौका मिला।
″गर्मियों के मौसम में वन्यजीवों को अधिक पानी की आवश्यकता होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा सभी प्राकृतिक और मानव निर्मित वॉटर होल्स की लगातार निगरानी की जाती है। जरूरत पड़ने पर उनमें पानी भरा जाता है। गर्मी के कारण इन दिनों वन्यजीव वॉटर होल्स के आसपास अधिक दिखाई दे रहे हैं। गर्जिया जोन में पहली बार ऐसा हुआ है, जब सभी जिप्सियों में सवार पर्यटकों को एक साथ 3 घंटे तक टाइगर के दीदार हुए हैं। यह कॉर्बेट पर्यटन इतिहास की एक अनूठी घटना है।″
-बिंदर पाल सिंह, वार्डन, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व-