- श्रीनगर में शिक्षा मंत्री डॉ रावत ने वितरित किये नव चयनित शिक्षकों को नियुक्त पत्र
- कहा, समावेशी शिक्षा को मिलेगी मजबूती,विशेष आवश्यकता वाले बच्चों का होगा सर्वांगीण विकास
श्रीनगर/देहरादून, 26 july 2026 : प्रदेश के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज गढ़वाल मंडल के अंतर्गत चयनित 69 सहायक अध्यापक (एल.टी.) (विशेष शिक्षा) को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। उन्होंने सभी नवनियुक्त शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षा उपलब्ध कराने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।
विद्यालयी शिक्षा विभाग द्वारा श्रीनगर में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में आज उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से चयनित गढ़वाल मंडल के 69 सहायक अध्यापक (एल.टी.) (विशेष शिक्षा) को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। जिसमें पौड़ी जनपद में 21, चमोली व देहरादून में 9- 9, उत्तरकाशी 8, रुद्रप्रयाग 4, हरिद्वार 1 तथा टिहरी गढ़वाल में 17 नव चयनित शिक्षक शामिल हैं। इस अवसर परडॉ. रावत ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दी और कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान देने का कार्य नहीं करते, बल्कि वे समाज और राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करते हैं। उन्होंने कहा कि नवनियुक्त शिक्षकों के कंधों पर उत्तराखंड के भविष्य को संवारने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने अपेक्षा जताई कि सभी शिक्षक पूर्ण संवेदनशीलता, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे तथा प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने में योगदान देंगे।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और समावेशी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विद्यालयों के आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण, डिजिटल शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण, कौशल विकास तथा मूलभूत सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि प्रदेश के प्रत्येक विद्यार्थी को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध हो सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नवनियुक्त विशेष शिक्षक दिव्यांग एवं विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाएंगे।
इस अवसर पर विद्यालयी शिक्षा विभाग के मंडल स्तरीय अधिकारी सहित नव नियुक्त सहायक अध्यापक एलटी (विशेष शिक्षा) व उनके परिजन उपस्थित रहे।