चमोली ( प्रदीप लखेड़ा )
विश्व प्राकृतिक धरोहर फूलों की घाटी राष्ट्रीय पार्क के प्रवेश द्वार शनिवार को शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। इसके साथ ही वर्ष 2026 की पर्यटन यात्रा का समापन हो गया। पार्क प्रशासन की टीम ने घाटी का अंतिम भ्रमण कर लौटने के बाद घांघरिया में फूलों की घाटी का मुख्य प्रवेश द्वार बंद किया।
इस वर्ष फूलों की घाटी में पर्यटकों की रिकॉर्ड आमद दर्ज की गई। एक जून से 31 अक्टूबर तक कुल 35,261 पर्यटकों ने विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी का दीदार किया। इससे पार्क प्रशासन को 66 लाख 96 हजार 400 रुपये की आय प्राप्त हुई। इस सीजन में विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई। समुद्र तल से करीब 3,600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित फूलों की घाटी अपनी दुर्लभ वनस्पतियों, रंग-बिरंगे पुष्पों और प्राकृतिक सुंदरता के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। प्रत्येक वर्ष एक जून को पर्यटकों के लिए खोली जाने वाली घाटी 31 अक्टूबर को शीतकाल के लिए बंद कर दी जाती है।
वहीं, घाटी के प्रवेश द्वार बंद होने के बाद भी पार्क प्रशासन की जिम्मेदारी कम नहीं होगी। शीतकाल के दौरान वन कर्मियों की ओर से घाटी और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में लंबी दूरी की गश्त जारी रहेगी, ताकि वन्यजीवों और प्राकृतिक संपदा की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।