विधानसभा सत्र के लिए अब तक विधायकों के प्राप्त हो चुके 315 सवाल - News Detail

विधानसभा सत्र के लिए अब तक विधायकों के प्राप्त हो चुके 315 सवाल

देहरादून: भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में 20 से 28 मार्च तक चलने वाले विधानसभा के बजट सत्र के दौरान इस बार भी प्रश्न लगाने को लेकर माननीय खासे उत्साहित हैं। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल के मुताबिक सत्र के लिए अब तक विधायकों के 315 सवाल प्राप्त हो चुके हैं और यह सिलसिला अभी जारी है। उन्होंने कहा कि सवालों की बढ़ती संख्या साबित करती है कि विधायक अपने क्षेत्र को लेकर कितने सजग हैं।

विस अध्यक्ष अग्रवाल विधानसभा स्थित सभागार में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। पिछले सत्र में भी बड़ी संख्या में आए सवालों और कुछ पर ही चर्चा होने के मद्देनजर प्रश्न लगाने की क्या कोई संख्या तय की जा रही है, इस पर उन्होंने कहा कि प्रश्न लगाने की कोई बाध्यता नहीं है। अलबत्ता, विधायकों से आग्रह किया गया है कि सभी को समय मिले, लिहाजा वे अपनी तरफ से ही लिमिट तय करें।

भराड़ीसैंण में अंतर्राष्ट्रीय संसदीय संस्थान

उन्होंने बताया कि भराड़ीसैंण स्थित विस परिसर में अंतर्राष्ट्रीय संसदीय अध्ययन, शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की जा रही है। इसका प्रस्ताव पिछले सत्र के दौरान पारित हुआ था। संस्थान में संसदीय लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का विश्व स्तरीय पाठ्यक्रम तैयार करने के साथ ही दीर्घ एवं लघुकालीन अध्ययन प्रशिक्षण कोर्स संचालित किए जाएंगे। लोकतांत्रिक नीति निर्माण एवं सुव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अन्य देशों की संसद व विधायिका, सरकारों का समन्वय एवं चिंतन मनन किया जाएगा।

थोड़ा काम हुआ, अब और करेंगे

विस अध्यक्ष ने कहा कि पिछले सत्र के बाद भराड़ीसैंण में थोड़ा काम हुआ। सरकार से 10 करोड़ की राशि मिली है और सत्र के लिए समय भी है, लिहाजा अब और कार्य होंगे। यही नहीं, वहां के विकास के लिए बजट में पैसा मांगा गया है। यही नहीं, एनजीटी की ओर से एसटीपी का बिंदु उठाया गया था और इसी के आधार पर कार्य होगा।

यह सत्र भी ऐतिहासिक

एक सवाल पर उन्होंने कहा कि हम हर तरह से इतिहास की ओर बढ़ रहे हैं। भराड़ीसैंण का यह सत्र भी ऐतिहासिक है, जब वहां राज्यपाल का अभिभाषण होगा। पूछने पर उन्होंने कहा कि जनभावनाओं के अनुरूप हम आगे बढ़ रहे हैं।

कार्यमंत्रणा समिति लेगी फैसला

उन्होंने कहा कि बजट सत्र के दौरान 24 व 25 मार्च को छुट्टी के दिन हैं। इस दरम्यान मंत्री-विधायकों को गांवों का दौरा करना या फिर अन्य कदम उठाने हैं, इस बारे में कार्यमंत्रणा समिति निर्णय लेगी।

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