गोपाल दास को पांच दिन बाद एम्स ऋिषकेश से मिली छुट्टी - News Detail

गोपाल दास को पांच दिन बाद एम्स ऋिषकेश से मिली छुट्टी

ऋषिकेश: गंगा संरक्षण के लिए कठोर कानून बनाने की मांग को लेकर स्वामी गोपाल दास अनशन पर बैठे थे। उन्हें एम्स ऋषिकेश से पीजीआइ चंडीगढ़ रेफर किया गया था। पिछले शनिवार को पीजीआइ से उन्हें ऋषिकेश एम्स भेजा गया। गुरुवार को यहां से उन्हें छुट्टी दे दी गई। गोपाल दास यहां से चले गए। मातृ सदन हरिद्वार के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने उन्हें अनशन के लिए दोबारा मातृ सदन लाने से इन्कार किया है।एम्स ऋषिकेश में 11 अक्टूबर को स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद ने देह त्याग कर दी थी। उसी रोज मातृ सदन हरिद्वार में गोपाल दास अनशन पर बैठ गए थे। 13 अक्टूबर को हरिद्वार प्रशासन ने उन्हें एम्स में भर्ती कराया था। 16 अक्टूबर को उन्हें यहां से छुट्टी दे दी गई। वह फिर मातृ सदन में अनशन पर बैठ गए। संथारा प्रक्रिया से देह त्याग करने की घोषणा करने वाले गोपाल दास को उसी रोज हरिद्वार प्रशासन ने फिर एम्स में भर्ती करा दिया था। 18 अक्टूबर को एम्स ऋषिकेश पीजीआइ चंडीगढ़ के लिए रेफर कर दिया।बीती शनिवार को गोपाल दास को पीजीआइ से ऋषिकेश एम्स भेजा गया। यहां उन्हें मेडिसिन वार्ड में चिकित्सकों के पैनल की देखरेख में रखा गया था। एम्स प्रशासन के मुताबिक यहां उनका स्वास्थ्य ठीक होने के बाद बुधवार शाम उन्हें डिस्चार्ज करते हुए हरिद्वार और ऋषिकेश प्रशासन को सूचना दी गई थी। मगर यहां प्रशासन का कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा।गुरुवार दोपहर गोपाल दास यहां से डिस्चार्ज होकर चले गए हैं। गोपाल दास के बारे में गुरुवार को मातृ सदन हरिद्वार के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने गोपाल दास को अनशन के लिए दोबारा मातृ सदन लाने से इन्कार कर दिया। उन्होंने कहा कि वह गोपाल दास को इस निमित्त मातृ सदन आने की इजाजत नहीं देते हैं। क्योंकि मातृ सदन के दो ब्रह्मचारी पहले से ही इसको लेकर तपस्या कर रहे हैं।ऋषिकेश एम्स से जाने से पहले गोपाल दास ने स्वयं अपना बयान का वीडियो जारी कर कहा कि एम्स में राष्ट्रपति का कार्यक्रम तय हुआ है जिस कारण एम्स प्रशासन किसी भी आंदोलन और हंगामे की स्थिति से बचने के लिए उन्हें यहां से छुट्टी दे रहा है। एम्स ऋषिकेश के जनसंपर्क अधिकारी हरीश थपलियाल ने बताया कि स्वास्थ्य परीक्षण और बायोकेमिकल रिपोर्ट के आधार पर गोपाल दास अब बिल्कुल स्वस्थ है। जिसे देखते हुए उन्हें यहां से छुट्टी दे दी गई है।

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