ब्रिटेन सरकार से भारत प्रत्यर्पण की मंजूरी पर बोला माल्या - News Detail

ब्रिटेन सरकार से भारत प्रत्यर्पण की मंजूरी पर बोला माल्या

नई दिल्ली। भारतीय बैंकों से नौ हजार करोड़ रुपये कर्ज लेकर ब्रिटेन भागे शराब कारोबारी विजय माल्या को भारत लाने की उम्मीद बढ़ गई है। ब्रिटेन के गृह मंत्री ने माल्या के प्रत्यर्पण आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। यह जानकारी ब्रिटिश गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने सोमवार को दी।उन्होंने बताया कि गृह मंत्री साजिद जावेद ने तीन फरवरी को सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद विजय माल्या को भारत प्रत्यर्पित करने के आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए। माल्या के पास अपने प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील करने के लिए 14 दिनों का समय है। भारत ने ब्रिटिश सरकार के फैसले का स्वागत किया है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘हमें माल्या के भारत प्रत्यर्पण के आदेश पर ब्रिटेन के गृह मंत्री द्वारा हस्ताक्षर करने की जानकारी मिली है। हम ब्रिटिश सरकार के फैसले का स्वागत करते हैं। इसके साथ ही हम उसके प्रत्यर्पण के लिए कानूनी प्रक्रिया के जल्द पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं।इस बीच विजय माल्या ने होम डिपार्टमेंट के निर्णय पर पहली प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट में लिखा है कि 10 दिसंबर, 2018 के वेस्टमिंस्टर कोर्ट के निर्णय के बाद ही मैने अपील की मंशा जाहिर की थी। होम सेक्रेटरी के निर्णय से पहले मैं अपील की प्रक्रिया की शुरुआत नहीं कर पाया। अब मैं अपील की प्रक्रिया शुरू करूंगा।माल्या को लाया जाना भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत होगी, क्योंकि ब्रिटेन के प्रत्यर्पण संबंधी कानून विश्व में सबसे कठोर माने जाते हैं। यही वजह है कि अभी तक वहां रह रहे कई भारतीय अपराधियों को देश नहीं लाया जा सका है। अगर माल्या का प्रत्यर्पण हो जाता है तो एक अन्य आर्थिक अपराधी नीरव मोदी को भी भारत वापस लाने की राह खुल सकती है।किंगफिशर एयरलाइंस के प्रमुख रहे माल्या पर 9,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी और मनी लॉन्डि्रंग का आरोप है। 10 दिसंबर, 2018 को लंदन के वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 63 वर्षीय माल्या के प्रत्यर्पण का आदेश दिया था। ब्रिटेन की अदालत ने कहा था कि वह भारत सरकार की ओर से दिए गए आश्र्वासनों से संतुष्ट है, जिसमें जेल की एक सेल का वीडियो भी शामिल था।दरअसल, प्रत्यर्पण संधि की प्रक्रियाओं के तहत चीफ मजिस्ट्रेट का फैसला गृह मंत्री के पास भेजा गया था क्योंकि माल्या के प्रत्यर्पण आदेश को जारी करने का अधिकार उनके पास ही है। ब्रिटेन में रह रहे शराब कारोबारी पिछले साल अप्रैल में प्रत्यर्पण वारंट पर गिरफ्तारी के बाद से जमानत पर है। ऐसा लगता है कि माल्या को अपने खिलाफ कार्रवाई का कुछ दिन पहले ही अहसास हो गया था। इसी वजह से उसके सुर बदले थे।हाल में माल्या ने अपनी दलील में ट्वीट कर दावा किया था कि उसकी कंपनी की 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। माल्या ने यह भी कहा था, ‘मैंने एक भी पैसे का कर्ज नहीं लिया। कर्ज किंगफिशर एयरलाइंस ने लिया। कारोबारी विफलता की वजह से यह पैसा डूबा है। गारंटी देने का मतलब यह नहीं है कि मुझे धोखेबाज बताया जाए।

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