खुद को गौवंश के रखवाले बताने वाले राजनीति में सेक रहे अपनी रोटियां - News Detail

खुद को गौवंश के रखवाले बताने वाले राजनीति में सेक रहे अपनी रोटियां

-रायपुर में सांड की आंख फोड़ी, नही मिला शेल्टर…सिर्फ एक मात्र शेल्टर दून एनिमल वेलफेयर
-सभी शेल्टर की हो जाँच, हमे सही पाने पर आरोपियों के विरुद्ध हो मुकदमा दर्ज
-कुछ लोग गौ माता पर रहे है राजनीति: मिली
– विधायकी के चुनाव लड़ने के चक्कर मे कही अपने आपको नेता समझकर गौवंश के नाम पर सेक रहे रोटियां
-घायल एवं बीमार पशुओं के लिए काम करने वाली संस्था पर लगाए झूठे आरोप, बदनाम करने की साजिश

देहरादून( राज छाबड़ा)। पिछले एक साल से ना जाने कितने घायल बीमार लाचार गौवंश को आश्रय देने वाली संस्था पर आरोप लगाया जा रहा है। कुछ लोग पशु प्रेमी होने का धिंडोरा पिटने की मनसा से गौमाता की सेवा में रोड बन रहे है। इनकी मानसिकता ह की पशु सड़कों पर लाचार अवस्था में दिखाई दे ओर ये स्वयं उनके साथ फोटो खिचवकार अपने पशु प्रेम का दावा कर सके ओर सुर्खियों में रहे वहीं खुलेआम गौशाला बंद कराने की धमकियाँ दे कर डरा धमका रहे है।
देहरादून क्षेत्र में गिनी चुनी गौशाला है जहाँ सिर्फ बीमार एवं घायल गोवंश को रखा जाता है गौशाला में सिर्फ उन पशुओं को रखा जाता है जिनकी हालत बहुत नाजुक होती है । जानकारी देते हुए दून एनिमल वेलफेयर के आशु अरोड़ा ने बताया कि पिछले एक साल में बहुत ही कम स्वस्थ पशुओं को आश्रय दिया गया बाकी सभी पशु घायल,बीमार ,कमजोरी वृद्धास्था में यहाँ लाये गए है ये वो पशु है जो डेरी वालों ने दूध के लालच में छोटे बछड़ों ओर बूढ़ी अनुत्पादक गायों को रोड पर छोड़ दिया। संस्था द्वारा उपचार के लिए आने वाले सरकारी पशुचिकितस्क की वयस्ता को देखते हुए अपना अन्य डॉक्टर भी रख लिया है । आज भी संस्था कि गौशाला में समय समय पर सरकारी पशु चिकित्सक भी उपचार के लिए आते रहते है। इसके बाद भी संस्था को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
दून ऐनिमल वेल्फेर संस्था की मिली कौर ने कहा कि संस्था समय-समय पर ये कहती आयी है की जिसको भी वास्तव में पशुओं से प्रेम हो वो भी इस तरह की संस्था खड़ी कर घायल बीमार पशुओं की सेवा करे ताकि उन्हें भी इस क्षेत्र की चुनोतियो का ज्ञान व अनुभव प्राप्त हो सके ।
लॉकडाउन अवधि में संस्था द्वारा बीस हजार से ज्यादा लवारिश पशुओं को भोजन कराया गया दिन रात इन पशुओं को बचाया गया।
उन्होंने कहा कि जो लोग उन पर उंगलिया उठा रहे है उनके खिलाफ प्रशासन कोई ऐक्शन लेगा या इन बेजुबानो को अब सिर्फ सड़कों पर ही छोड़ा जाएगा । मिली कौर ने कहा कि यदि ऐसे ही उनकी संस्था पर बेबुनियाद आरोप लगते रहे तो कोई भी काम इस कार्य के लिए आगे नहीं आएगा । बेजुबान जानवर जिनको हमारी जरूरत है उनकी मदद समाज कैसे कर पाएंगे। एक ताजा घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि मोहकमपुर फाटक पर ट्रेन के चपेट में आए नंदी को रात 2 बजे तक उपचार नहीं मिला और ना ही कोई शेल्टर, वहीं
ऋषिकेश में दो दिन से बीमार नंदी ने अपना दम तोड़ दिया। रायपुर रोड पर घायल बीमार नंदी को किसी भी संस्थाओं ने लेने से मना कर दिया। बल्लूपुर चौक पर दो गायों को डंपर ने मारी टक्कर 10 बजे तक नहीं मिला शेल्टर। रायपुर में साँड की आँख फोड़ी साँड को भी नहीं मिला शेल्टर ।
इन सबको दून ऐनिमल वेल्फेर संस्था ने आश्रय दिया इसके बाद भी केवल अपने लिए सूर्खिया बटोरने की मनसा से बदनाम किया जा रहा है।
आशु अरोड़ा एवं मिली कौर का कहना है कि सभी संस्थाओं की जांच होनी चाहिए और उसके बाद फर्जी तरीके से काम करने वालो के खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिए।

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