नहीं रहे प्रणब दा: देश ही नहीं दुनिया भर के नेताओं ने जताया दुख, पीएम मोदी बोले- सब उनकी तारीफ करते थे - News Detail

नहीं रहे प्रणब दा: देश ही नहीं दुनिया भर के नेताओं ने जताया दुख, पीएम मोदी बोले- सब उनकी तारीफ करते थे

नई दिल्ली: पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न प्रणब मुखर्जी को आज अंतिम विदाई दी जाएगी. पांच दशकों तक भारतीय राजनीति में सक्रिय रहकर अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले प्रणब दा का लंबी बीमारी के बाद कल शाम दिल्ली के आर आर अस्पताल में निधन हो गया. प्रणब मुखर्जी को 10 अगस्त को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, उस दिन उनकी ब्रेन सर्जरी हुई थी.

 

सोमवार सुबह जारी एक स्वास्थ्य बुलेटिन में कहा गया कि वह गहरे कोमा में हैं और उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया है. 2012 से 2017 तक देश के 13वें राष्ट्रपति रहे प्रणब दा के संपर्क में जो भी आया वो उनको लेकर अपनी यादें साझा कर रहा है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तमाम राजनीतिक दलों के नेताओं ने सोमवार को पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन पर शोक जताते हुए उन्हें ऐसा प्रबुद्धजन बताया जिसने पूरी निष्ठा से देश की उत्कृष्ट सेवा की है.

 

उनका जाना एक युग का अंत है- राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
देश के 13वें राष्ट्रपति (2012-17) के निधन पर शोक जताते हुए कोविंद ने कहा कि उनका निधन एक युग का अंत है और राष्ट्र को अपने एक विलक्षण सपूत के निधन का दुख है. कोविंद ने ट्वीट किया है, ”पूर्व राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी के निधन के बारे में जानकर दुख हुआ. उनका जाना एक युग का अंत है. सार्वजनिक जीवन में विराट कद हासिल करने वाले प्रणब दा ने भारत माता की सेवा एक संत की तरह की. देश के एक विलक्षण सपूत के चले जाने से समूचा राष्ट्र शोकाकुल है. उनके परिजनों, मित्रों और सभी नागरिकों के प्रति संवेदनाएं.”पीएम मोदी ने शेयर की प्रणब का पैर छूकर आशीर्वाद लेते तस्वीर
प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें विद्वान और कद्दावर स्टेट्समैन बताते हुए कहा कि उन्होंने देश की विकास यात्रा में अपने अमिट छाप छोड़े हैं. पीएम मोदी ने प्रणब मुखर्जी के साथ अपनी कुछ तस्वीरों को ट्विटर पर साझा किया है. एक तस्वीर में वह प्रणब दा का पैर छूकर आशीर्वाद लेते हुए दिख रहे हैं. पीएम मोदी ने लिखा, ‘भारत रत्न प्रणब मुखर्जी के निधन से भारत दुखी है. हमारे देश की विकास यात्रा में उन्होंने अमिट छाप छोड़ी है. वह उत्कृष्ट कोटि के विद्वान और कद्दावर स्टेट्समैन थे जिन्हें हर राजनीतिक तबके और समाज के सभी तबकों से तारीफ मिलती थी.’

बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी का भावुक ट्वीट, कहा- आपकी बेटी होना मेरा सौभाग्य
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन पर बेटी शर्मिष्ठा ने भावुक ट्वीट कर पिता को आखिरी अलविदा कहा. उन्होंने ट्वीट में लिखा है ‘मैं सबको नमन करती हूं. बाबा आपके फेवरिट कवि की पंक्तियों के जरिए सबको आपका आखिरी गुड बाय कह रही हूं. आपने राष्ट्रसेवा में लोगों की सेवा में अपना जीवन बिताया. आपकी बेटी के तौर पर जन्म को मैं अपना सौभाग्य मानती हूं.’

बेटे अभिजीत मुखर्जी ने दी निधन की जानकारी
सोमवार शाम को प्रणब मुखर्जी के बेटे अभिजीत मुखर्जी ने उनके निधन की जानकारी दी. बेटे अभिजीत मुखर्जी ने ट्वीट किया, ”भारी मन से आपको सूचित करना है कि मेरे पिता श्री प्रणब मुखर्जी का अभी कुछ समय पहले निधन हो गया. आरआर अस्पताल के डॉक्टरों के सर्वोत्तम प्रयासों और पूरे भारत के लोगों की प्रार्थनाओं और दुआओं के लिए मैं आप सभी को हाथ जोड़कर धन्यवाद देता हूं.”

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पूर्व राष्ट्रपति को याद किया
मुखर्जी के निधन पर शोक जताते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ले कहा कि उन्होंने अनुकरणीय समर्पण भाव से देश की सेवा की है. बिरला ने कहा कि संसदीय और प्रशासनिक मामलों में उनके अनुभव का कोई सानी नहीं था. उन्होंने कभी राजनीति को अपने निजी रिश्तों के बीच नहीं आने दिया.

 

उनका जीवन भारत का इतिहास दिखाता है- सोनिया गांधी
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पूर्व राष्ट्रपति मुखर्जी के निधन पर दुख जताया और सार्वजनिक जीवन में रहते हुए किए गए उनके योगदान को याद किया. उन्होंने कहा, ”प्रणब दा पांच दशकों से अधिक समय तक सार्वजनिक जीवन, कांग्रेस पार्टी और केंद्र सरकार का अभिन्न हिस्सा रहे. उन्होंने हर पद पर आसीन होने के साथ उसे सुशोभित किया और अपने साथियों के साथ उनकी वास्तव में घनिष्टता थी. उनका पिछले 50 वर्षों से अधिक का राजनीतिक जीवन भारत के 50 वर्षों के इतिहास को प्रतिबिंबित करता है.”

 

स्वतंत्र भारत के एक महान नेता खो दिया- मनमोहन सिंह
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मुखर्जी के निधन पर दुख प्रकट करते हुए कहा कि देश ने स्वतंत्र भारत के एक महान नेता को खो दिया है. सिंह ने एक बयान जारी कर कहा, ” पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन के बारे में सुनकर गहरा दुख हुआ. हमारे देश ने स्वतंत्र भारत के एक महान नेता को खो दिया है.” उन्होंने कहा, ”हम दोनों ने भारत सरकार में बहुत नजदीकी के साथ काम किया. मैं उनके विवेक, व्यापक ज्ञान और सार्वजनिक जीवन के उनके अनुभव पर निर्भर करता था.”

 

प्रणब मुखर्जी के निधन से बहुत दुख पहुंचा- जेपी नड्डा
भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने पूर्व राष्ट्रपति के निधन पर शोक प्रकट करते हुए कहा कि उन्होंने कई भूमिकाओं में कर्मठता से देश की सेवा की और सभी दलों में उनके प्रशंसक थे. नड्डा ने ट्वीट कर कहा, ”पूर्व राष्ट्रपति और उच्च कोटि के राजनीतिज्ञ प्रणब मुखर्जी के निधन से बहुत दुख पहुंचा है. उन्होंने कई भूमिकाओं में कर्मठता और प्रतिबद्धता के साथ देश सेवा की. उनकी बुद्धिमत्ता और दृढ़ता के प्रशंसक सभी दलों में थे. उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं.”

 

प्रणब दा विद्वान, देशभक्त एवं सौम्य आत्मा थे: आरएसएस प्रमुख
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन पर शोक प्रकट किया और उन्हें ‘एक महान विद्वान और देशभक्त’ बताया. उन्होंने कहा कि उनके निधन से हुई क्षति की पूर्ति नहीं की जा सकती है. भागवत ने एक वीडियो संदेश में कहा, ” भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. प्रणब मुखर्जी का निधन उन सभी स्वयंसेवकों के लिए बहुत बड़ी क्षति है जो उनके संपर्क में आये थे. जब वह राष्ट्रपति थे तब मैं उसने दो बार मिला था और उसके बाद मैं उनसे तीन-चार बार मिला.” उन्होंने कहा कि पहली मुलाकात के दौरान वह उनके सौम्य आचरण के चलते भूल ही जाते थे कि वह भारत के राष्ट्रपति के साथ बातचीत कर रहे हैं.

 

राहुल गांधी ने भी जताया दुख, परिवार को दी सांत्वना
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मुखर्जी के निधन पर दुख जताया और उनके परिवार एवं मित्रों के प्रति संवेदना प्रकट की. उन्होंने ट्वीट किया, ”हमारे पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी जी के दुखद निधन की खबर मिली. देश बहुत दुखी है. मैं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने में खुद को देश के साथ जोड़ता हूं. उनके परिवार और मित्रों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है.”

 

‘राजनीति के अजातशत्रु’ थे प्रणब मुखर्जी : नीतीश कुमार
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी और राज्य के कई प्रमुख नेताओं ने सोमवार को पूर्व राष्ट्रपति के निधन पर शोक व्यक्त किया. एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, मुखर्जी के निधन पर दुख जताते हुए नीतीश कुमार ने पूर्व राष्ट्रपति को ‘राजनीति का अजातशत्रु’ करार दिया जिन्हें सत्तापक्ष और विपक्ष से बराबर सम्मान मिला था. मुखर्जी के निधन को अपूरणीय क्षति करार देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ”मेरे उनके साथ बेहद करीबी संबंध थे और उन्होंने कई मौकों पर मेरा मार्गदर्शन किया.”

 

देश ने आज अपने महान पुत्रों में से एक को खो दिया: जावड़ेकर
सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए सोमवार को कहा कि भारत ने आज अपने महान रत्नों में एक को खो दिया जो न सिर्फ एक निर्णयकर्ता और रणनीतिकार था बल्कि कई वर्षों तक संसद की रीढ़ रहा. मुखर्जी के निधन के बाद जावड़ेकर ने अपने शोक संदेश में कहा, ”भारत ने अपने महान पुत्रों में से एक, भारत रत्न श्री प्रणब मुखर्जी को खो दिया है. मुखर्जी न केवल एक बुद्धिजीवी थे बल्कि एक निर्णयकर्ता, रणनीतिकार और कई वर्षों तक संसद की रीढ़ थे.”

 

दुनियाभर के नेताओं ने प्रणब दा के निधन पर दुख जताया

 

बांग्लादेश ने प्रणब मुखर्जी को बताया सच्चा दोस्त, पीएम शेख हसीना ने जताया शोक
बांग्लादेश के राष्ट्रपति अब्दुल हामिद और प्रधानमंत्री शेख हसीना ने मुखर्जी के निधन पर शोक व्यक्त किया और उन्हें एक ”सच्चा मित्र” बताते हुए देश के 1971 मुक्ति संग्राम में उनके ”उल्लेखनीय एवं न भूलने वाले” योगदान को याद किया. हामिद ने मुखर्जी को बांग्लादेश का ”सच्चा और ईमानदार मित्र” बताते हुए कहा, ”उनके निधन से उपमहाद्वीप के राजनीतिक राजनीतिक क्षेत्र को एक अपूरणीय क्षति हुई है.” उन्होंने कहा कि मुखर्जी ने बांग्लादेश के 1971 मुक्ति संग्राम के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. हसीना ने कहा, ”मैं भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन से बहुत दुखी हूं. इस दुख की घड़ी में मेरे विचार और प्रार्थनाएं परिवार के सदस्यों के साथ हैं.”

 

नेपाल की राषट्रपति बोलीं- नेपाल ने एक अच्छा दोस्त खो दिया
नेपाल की राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी, प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली और सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ नेपाल के अध्यक्ष पुष्पकमल दहल ‘प्रचंड’ ने भी मुखर्जी के निधन पर शोक व्यक्त किया. राष्ट्रपति भंडारी ने ट्वीट किया, ”नेपाल ने एक अच्छा दोस्त खो दिया.” ओली ने ट्वीट किया, ”मैं भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन की खबर से बहुत दुखी हूं.” उन्होंने भारत के लोगों और शोक संतप्त परिवार के प्रति भी गहरी संवेदना व्यक्त की.

 

रूस और श्रीलंका के राष्ट्रपति ने भी निधन पर शोक व्यक्त किया
रूस के राष्ट्रपति व्लादिर पुतिन ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे एक संदेश में मुखर्जी के निधन पर दुख व्यक्त किया. पुतिन ने एक बयान में कहा, ”पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन पर मेरी गहरी संवेदना स्वीकार करें. रूस के एक सच्चे मित्र के तौर पर उन्होंने हमारे देशों के संबंधों को मजबूती प्रदान करने में अपना व्यक्तिगत योगदान दिया.”

 

श्रीलंकाई प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने भी मुखर्जी के निधन पर दुख व्यक्त किया. भारत में अमेरिका के राजदूत केन जस्टर ने भी मुखर्जी के निधन पर दुख व्यक्त किया. साथ ही मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह और अफगान नेता अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने भी ट्वीट करके मुखर्जी के निधन पर दुख जताया.

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